लड्डू इनको बहुत हैं भाते
बड़े प्यार और चाव से खाते
रिद्धि सिद्धि के हैं दाता
हम सबके हैं भाग्य विधाता
भोली और प्यारी सी सूरत
जग में नहीं है ऐसी मूरत
चारों ओर उत्सव है छाया
हर्षोल्लास लेकर आया
बप्पा का जन्मदिवस है आया
सबके जीवन में खुशहाली लाया
गणपति बप्पा आते हैं
सबके मन को भाते हैं
हाथी जैसा सुंदर मुखड़ा
विघ्नहर्ता बन हरते संकट गहरा
घर घर में गूंजे जयकारा
बप्पा का त्यौहार है प्यारा
रूप निराला बप्पा का है
चेहरा भोलाभाला बप्पा का है
मुश्किल आये यदि किसीको
उसे इन्हीं ने संभाला है
सबसे पहले इनकी पूजा
इनसे बड़ा न कोई दूजा
हर एक काम सिद्ध कर देते
हैं इसीलिए सिद्धिविनायक कहलाते
मेरे लाडले गणपति प्यारे
तुम शिव पार्वती के दुलारे
देखूं जब जब तेरी भोली सूरत
किरणों जैसे चमके मेरी किस्मत।।
गणपति बप्पा मोरया
हर्ष जीवन में होरया
ढोल नगाड़े बजाते हैं
भक्तजन नाचते गाते हैं
बच्चे बूढ़े सब मिल जाते
गणपति को घर बुलाते
विघ्नहर्ता शुभकर्ता गजानन आए हैं
मूषक उनकी सवारी सुख समृद्धि घर लाय हैं ।
