Ganesh chaturthi kavita ganpati bappa kavita

 लड्डू इनको बहुत हैं भाते 

बड़े प्यार और चाव से खाते

रिद्धि सिद्धि के हैं दाता 

हम सबके हैं भाग्य विधाता

भोली और प्यारी सी सूरत

ganesh chturthi special poem


जग में नहीं है ऐसी मूरत

चारों ओर उत्सव है छाया

हर्षोल्लास लेकर आया

बप्पा का जन्मदिवस है आया

सबके जीवन में खुशहाली लाया


गणपति बप्पा आते हैं 

सबके मन को भाते हैं

 हाथी जैसा सुंदर मुखड़ा

विघ्नहर्ता बन हरते संकट गहरा

घर घर में गूंजे जयकारा

बप्पा का त्यौहार है प्यारा


रूप निराला बप्पा का है

चेहरा भोलाभाला बप्पा का है

मुश्किल आये यदि किसीको

उसे इन्हीं ने संभाला है


सबसे पहले इनकी पूजा

इनसे बड़ा न कोई दूजा

हर एक काम सिद्ध कर देते

हैं इसीलिए सिद्धिविनायक कहलाते


मेरे लाडले गणपति प्यारे

तुम शिव पार्वती के दुलारे

देखूं जब जब तेरी भोली सूरत

किरणों जैसे चमके मेरी किस्मत।।


गणपति बप्पा मोरया 

हर्ष जीवन में होरया

ढोल नगाड़े बजाते हैं

भक्तजन नाचते गाते हैं

बच्चे बूढ़े सब मिल जाते

 गणपति को घर बुलाते


विघ्नहर्ता शुभकर्ता  गजानन आए हैं 

मूषक उनकी सवारी सुख समृद्धि घर लाय हैं ।


एक टिप्पणी भेजें (0)
और नया पुराने