राजनीति पर हास्य कविता- अनिल अग्रवंशी



इस बार आई  मोदी जी की सरकार देखो
सबको बताया की अच्छे दिन आयेंगे
और केजरीवाल सोच रहे मेरे धरनों के लिए
कहीं एक आलिशान चबूतरा बनायेंगे

आडवाणी सोच रहे पीऍम तो बने नही
 लगता है सीधे राष्ट्रपति ही बनायेंगे
राहुल जी बोले नही कांग्रेस पर भरोसा
लगता है शादी मेरी मोदी जी करायेंगे

किसकी मजाल मेरे सामने जुवान खोले
मुरली मनोहर आडवाणी तक मौन हैं
रोमिंग में जेटली हैं लोकल में अमित शाह
मेरे पास गुजराती ड्यूल सिम फ़ोन है

ओबामा को भा गयी जो दुनिया में छा गयी जो
मेरे भाषणों में ऐसे जादू वाली टोन है
पाकिस्तान जानता है दौड़ भी मानता है
भारत का शेर मोदी दुनिया का डॉन है

मनमोहन जी के बोल

उनकी इजाजत के बिन कुछ बोल सकूँ
मैडम के सामने मै होता भला कौन हूँ
जब से संभाला था पीऍम का पद मैंने
आप ही जानते हो तब से ही मौन हूँ

चाहे जब लौटा दो मुझे घर की मै पूंजी नही
बिना व्याज बिना शर्त वाला लोन हूँ
आउट जाति नही इन्कोमिंग आती नही
साइलेंट किआ हुआ सोनिया का फ़ोन हूँ









--------------------------------------------------------------अनिल अग्रवंशी


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